वशीकरण क्या है और कैसे होता है?
वशीकरण शब्द संस्कृत से लिया गया है – “वश” का अर्थ होता है किसी को अपने प्रभाव में लेना और “करण” का अर्थ होता है प्रक्रिया या साधन। यानी वशीकरण का मतलब है किसी व्यक्ति के मन, विचार और आकर्षण को सकारात्मक तरीके से अपनी ओर मोड़ना। प्राचीन ग्रंथों और तंत्र-शास्त्रों में वशीकरण की विधियों का वर्णन मिलता है, लेकिन यह कार्य कोई साधारण व्यक्ति नहीं कर सकता।
वशीकरण कैसे होता है?
आजकल बहुत लोग इंटरनेट या किताबों से छोटे-छोटे उपाय करके वशीकरण करने का दावा करते हैं, लेकिन यह सच नहीं है। वशीकरण केवल हवन और विशेष पूजा के माध्यम से ही सफलतापूर्वक किया जा सकता है। इसका कारण यह है कि हवन में विशेष मंत्रोच्चारण, आहुतियाँ और विधि-विधान शामिल होते हैं, जो सीधे ऊर्जाओं को सक्रिय करते हैं।
वशीकरण पूजा में मुख्य रूप से निम्न चरण होते हैं:
- शुद्धिकरण और संकल्प – सबसे पहले पूजा स्थल और साधक का शुद्धिकरण होता है और संकल्प लिया जाता है।
- विशेष वशीकरण हवन – यज्ञ कुंड में दुर्लभ औषधियाँ और सामग्री डालकर मंत्रों के साथ आहुति दी जाती है।
- बीज मंत्रों का जाप – वशीकरण से संबंधित बीज मंत्रों का जाप निर्धारित संख्या में किया जाता है।
- देवी-देवताओं का आह्वान – सकारात्मक ऊर्जाओं और शक्तियों को आमंत्रित कर कार्य की सिद्धि करवाई जाती है।
वशीकरण केवल विशेषज्ञ पंडित ही कर सकते हैं
यह कार्य बहुत गूढ़ और शक्तिशाली है, इसलिए इसे कोई भी आम आदमी अकेले नहीं कर सकता। अगर कोई व्यक्ति बिना विधि-विधान के उपाय करने लगे तो उसे न तो सफलता मिलेगी और उल्टा नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। इसलिए वशीकरण केवल अनुभवी और योग्य पंडित या तांत्रिक विशेषज्ञ के द्वारा हवन पूजा से ही कराया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
वशीकरण का वास्तविक स्वरूप तंत्र और हवन पूजा में निहित है। यह केवल किताबों या आसान उपायों से संभव नहीं है। अगर आप अपने जीवन में रिश्तों को सुधारना चाहते हैं या किसी को अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हैं, तो इसके लिए योग्य और अनुभवी पंडित की मदद लेना ही सबसे सही तरीका है।
📞 संपर्क करें: पंडित एम.एल. शर्मा – +91 9115797577
🌐 वेबसाइट: www.pandittips.com
